JAY KULDEVI FOUNDATION

' एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति ना भुतो ना भविष्यति '
हम ईश्वर के विभिन्न रूपो कि पूजा क्यों करते हैं बजाये एक रूप के !!!
जल, जल से ही बर्फ एवं भाप बनती हैं किन्तु दोनों के गुण एवं विशेषता अलग अलग होती हैं|
यदपि हमें प्यास लगी हैं तो हम जल गृहण करते हैं, ठंडे के लिये बर्फ का प्रयोग करते हैं, एवं भाप का उपयोग भी उसके गुणानुसार करते हैं, अत: यह माना जा सकता हैं कि ईश्वर के विभिन्न रूप उनके गुणानुसार और रूपानुसार हमें लाभाविंत करते हैं |

भक्तिमय होकर प्रेम से बोलिए " जय कुलदेवी "


 ||  ॐ कुल देवताभ्यो नमः  ||         ||  ॐ पितृ देवताभ्यो नमः  ||         ||  ॐ सर्वेभ्यो देवेभ्यो नम:  || 

अन्धविश्वास एवं कुरीतियों को दूर करने हेतु प्रयास

अन्धविश्वास एवं कुरीतियों को दूर करने हेतु प्रयास

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फिल्मों में प्रवेश एवं एक्टिंग एंड मॉडलिंग

फिल्मों में प्रवेश,एक्टिंग एंड मॉडलिंग,एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट मैनेजमेंट

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सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं परिचय सम्मेलन

सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं परिचय सम्मेलन करवाना

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बच्चों का शिक्षा में मन नहीं लगना

बच्चों का शिक्षा में मन नहीं लगना,शिक्षा में रुकावटें आदि

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प्रमुख धर्मार्थ उद्देश्य

समिति के उद्देश्य

निराश्रित मृतकों के निशुल्क अंतिम संस्कार

गरीब, असहाय एवं निराश्रित मृतकों के अंतिम संस्कार निशुल्क सम्पन्न करवाना एवं अंतिम संस्कारों के स्थानों को विकसित करने हेतु प्रयास करना ।

महिलाओं को शिक्षित करना

विधवा एवं शोषित महिलाओं तथा असहाय, गरीब, निर्धन वर्ग की महिलाओं के पुनर्वास में मदद करवाना तथा उनको शिक्षित करना । शिक्षा केन्द्र का संचालन करना व्यावसायिक शिक्षा का संचालन करना, रोजगार प्रदान करने का प्रयास करना, जागरूक व आत्मनिर्भर बनानेे के लिए केन्द्र स्थापित करना करने हेतु प्रयास करना

गौसेवा

गौमाता की नि:स्वार्थ सेवा संरक्षण एवं गौसेवा के लिए जागरूक करने हेतु प्रयास करना

जनहित में प्रायोजित कम्प्यूटर केन्दों

मघ्यप्रदेश एवं भारत सरकार द्वारा जनहित में प्रायोजित कम्प्यूटर केन्दों का संचालन कर गरीब बालक/बालिकाओं को प्रशिक्षण देने हेतु प्रयास करना ।

आत्मनिर्भर हेतु प्रशिक्षण

महिलाओं के लिये सिलाई, कढ़ाई, जुट, हस्तशिल्प, पापड बडी, आचार इत्यादि का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करने हेतु प्रयास करना ।